झारखंड/बिहारराज्य

बिहार में महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, 1005 पुलिस दीदी टीमें तैनात

 पटना
 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के बाद पुलिस मुख्यालय ने महिलाओं एवं लड़कियों की सुरक्षा के लिए सभी जिलों में थानास्तर पर हॉटस्पाट चिह्नित कर लिए हैं।

इनमें स्कूल-कॉलेज, कोचिंग संस्थान, महिला छात्रावास, शापिंग माल, पार्क, सिनेमा हाल, मेला-प्रदर्शनी, हाट और ऐसे सार्वजनिक स्थलों को चुना गया है, जहां महिलाओं-लड़कियों की आवाजाही सबसे अधिक होती है। ऐसे चिह्नित स्थलों पर महिला सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी टीम (अभया ब्रिगेड) लगाई गई है।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, जुलाई तक 1005 पुलिस दीदी टीम का गठन किया जा चुका है। इस टीम के द्वारा अभी तक 612 मनचलों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है जिसमें 20 कांड दर्ज किए गए हैं।

स्कूल-कॉलेज, कोचिंग आदि की छुट्टी के समय विशेष तौर पर मनचलों पर चौकसी रखी जा रही है। इन पुलिस दीदी को देने के लिए करीब डेढ़ हजार स्कूटी की भी खरीद की जानी है, जिसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

महिला छात्रावासों की भी थानास्तर पर नियमित जांच की जा रही है। करीब 350 गर्ल्स हॉस्टलों को जल्द पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है।

अभी तक 783 हॉस्टलों की जांच की गई जिनमें 700 में सीसीटीवी लगे मिले हैं, जबकि 658 में आगंतुक पंजी और 281 में बायोमीट्रिक हाजिरी के लिए उपकरण लगे हैं। शेष छात्रावासों में सीसीटीवी, बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।

ट्रॉयल मॉनीटरिंग सिस्टम से दुष्कर्म के कांडों की निगरानी
पुलिस मुख्यालय के स्तर से दुष्कर्म एवं पॉक्सो से जुड़े कांडों का स्पीडी ट्रायल कराकर जल्द से जल्द सजा दिलाने का निर्देश दिया गया है। इन कांडों की निगरानी टीएमएस (ट्रॉयल मानीटरिंग सिस्टम) पोर्टल के जरिए की जा रही है।

अभी तक टीएमएस पोर्टल पर 668 कांडों की विवरणी अपलोड की जा चुकी है। जून माह में दुष्कर्म के 30 मामलों में 35 अभियुक्तों को जबकि पाक्सो एक्ट के 27 कांडों में 30 अभियुक्तों को कोर्ट के स्तर से सजा सुनाई गई है।

मई-जून में विशेष अभियान चलाकर महिलाओं के विरुद्ध अपराध से जुड़े कांडों में 67 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है।

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