पंजाबराज्य

पंजाब पुलिस का बड़ा अभियान, थानों से हटाए गए 7,402 जब्त वाहन, घटा बोझ

चंडीगढ़.

पंजाब पुलिस ने राज्यभर के पुलिस थानों में लंबे समय से खड़े जब्त और लावारिस वाहनों के निपटारे के लिए चलाए गए विशेष अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद शुरू किए गए इस अभियान के तहत पिछले एक महीने में 7402 वाहनों का निपटारा किया गया है।

इससे पुलिस थानों में वर्षों से जमा वाहनों के कारण बढ़ रहे दबाव में कमी आई है और थानों में जगह की समस्या से भी राहत मिलने लगी है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार अभियान शुरू होने से पहले राज्यभर के विभिन्न पुलिस थानों और यूनिटों में कुल 55,721 वाहन पुलिस हिरासत में थे। इसी दौरान ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, संदिग्ध गतिविधियों और अवैध कामकाज के खिलाफ चलाए गए सघन जांच अभियान के चलते 3355 और वाहन जब्त किए गए। इसके बाद कुल संख्या बढ़कर 59,076 तक पहुंच गई थी। हालांकि, एक महीने के भीतर 7402 वाहनों का निपटारा होने के बाद अब पुलिस हिरासत में कुल 51,674 वाहन शेष रह गए हैं।

लंबित मामलों का हो रहा निपटारा
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस प्रशासन लंबित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटा रहा है। उन्होंने कहा कि वाहनों की सघन जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन इसके साथ जब्त वाहनों के मामलों में कानूनी प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। उन्होंने बताया कि बेहतर समन्वय और पेशेवर फॉलोअप के कारण कम समय में बड़ी संख्या में वाहनों का निपटारा संभव हो सका। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभी भी 8121 वाहनों से संबंधित आवेदन कानूनी जांच के अधीन हैं। इसके अलावा मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 52ए के तहत 1276 आवेदन ऐसे हैं जिनमें इन्वेंट्री और फोटोग्राफी के कानूनी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जानी बाकी है। इन मामलों में अदालतों और संबंधित अधिकारियों की मंजूरी के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

जालंधर पुलिस ने हटाए सर्वाधिक वाहन
जिला और कमिश्नरेट स्तर पर भी इस अभियान का व्यापक असर देखने को मिला। जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने 5993 वाहनों में से 779 वाहनों का निपटारा किया। मोगा पुलिस ने 2367 में से 697 वाहन हटाए, जबकि बठिंडा में 3008 में से 631 वाहनों का निपटारा किया गया। फिरोजपुर में 2649 में से 586 वाहन, लुधियाना ग्रामीण में 1618 में से 538 वाहन तथा लुधियाना कमिश्नरेट में 7471 में से 460 वाहनों का निपटारा किया गया। इसके अलावा तरनतारन में 2033 में से 302 और फाजिल्का में 2216 में से 283 वाहनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रिलीज या डिस्पोज किया गया।

और तेज होगी मुहीम
स्पेशल डीजीपी ला एंड आर्डर प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा कि पंजाब पुलिस का लक्ष्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी प्रभावी और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में हिरासत में खड़े वाहनों की रिहाई और निपटारे की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा, ताकि पुलिस थानों में अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों का बोझ कम हो और पुलिस संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

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