
लुधियाना.
ज्ञान की प्राप्ति संतों के आशीर्वाद से मिलती हैं। भगवान महावीर स्वामी जी की 2600वीं यात्रा चतुर्विधि संघ आज भी चल रहा है यह सब कुछ संतजनों की वजह व श्रमण संघ की कृपा से चल रहा है। यह उक्त विचार सनबयू रेजीडेंसी गेट नं 6 आयाली कलां में भगवान महावीर सामुदायिक भवन के लोकार्पण भवन के अनावरण समारोह के दौरान राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का कथन में अहिंसा को सर्वश्रेष्ठ माना है। हिंसा किसी को नहीं करनी चाहिए। इससे समाज बिखरता है, टूटता है और इसका दूसरा फायदा उठाते हैं। उन्होंने व्यक्ति बाहर से नहीं अंदर से अपने आप को साफ़ रखें। उन्होंने कहा कि आजकल की दुनिया में पाश्चात्य संस्कृति को बढ़ावा जो दिया जा रहा उसको छोड़ गरीब व जरूरतमंद लोगों की मदद करो। इससे जो मन के अंदर सुकुन मिलेगा।
उन्होंने कहा राजनीति में आने के लिए गुरुदेवों से आशीर्वाद लेने गया तो उनका कहना था कि अपने आप पर कोई दाग न लगने देना है। आगे राजनीति में रहूं न रहूं श्रावक तो रहेगा। इस अवसर पर बाबा चंदा जैन दुग्गड सोसायटी के अशोक जैन, अनूप जैन परिवार ने दोशाला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर तपस्वी रतन सुंदर मुनि महाराज ठाणा-3, पीयूष मुनि महाराज ठाणा-3, महासाध्वी वीणा जी महाराज ठाणा, महासाध्वी मीना महाराज ठाणा-3 आदि साध्वी वृंद शामिल थे।



