झारखंड/बिहारराज्य

बिहार कैबिनेट की अहम बैठक: कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, डीए में बढ़ोतरी समेत 19 प्रस्तावों पर मुहर

 पटना

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अधयक्षता में बुधवार को बिहार कैबिनेट की अहम बैठक हुई है। सम्राट चौधरी कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में कुल 19 एजेंडों पर मुहर लगी है। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री के अलावा कैबिनेट के लगभग सभी मंत्री मौजूद थे। करीब 40 मिनट तक यह बैठक चली है। सम्राट सरकार ने बिहार कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। बिहार में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढोतरी की गई है।

राज्य सरकार बाजार से 72 हजार करोड़ का ऋण लेगी। सप्तम केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के तहत अब कर्मियों को 58% के बजाय 60% डीए मिलेगा। वहीं, छठे वेतनमान वालों का भत्ता 257% से बढ़ाकर 262% और पांचवें वेतनमान वालों का 474% से बढ़ाकर 483% कर दिया गया है। यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू होगी।

कैबिनेट के बैठक में वित्त विभाग से जुड़े कुछ अन्य एजेंडों पर भी मुहर लगाई गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार द्वारा 64,141.2820 करोड़ रुपये बाजार ऋण सहित कुल 72,901.3907 करोड़ रुपये के ऋण उगाही को स्वीकृति प्रदान की गई है। कैबिनेट की बैठक में बिहार के 05 जिलों पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जिले में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण के कुल 05 पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है।

बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने से जुड़े कुछ अहम फैसले भी कैबिनेट की बैठक में लिए गए हैं। वैशाली जिले में 100 एकड़ जमीन पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी प्रदान की गई है। NIFTEM कैंपस की स्थापना से युवाओं को उच्च गुणवत्ता की तकनीकि शिक्षा और कौशल हासिल होगी। औद्योगिक विकास की दिशा में पटना के बिहटा में डेयरी प्लांट को भी मंजूरी दी गई है।

इलेक्ट्रिक वाहन योजना से प्रदूषण घटाने और रोजगार बढ़ाने पर जोर
सरकार ने मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना को मंजूरी दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य वाहनजनित प्रदूषण कम करना और वर्ष 2030 तक नए वाहनों की कुल बिक्री में कम-से-कम 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है। यह वैश्विक “ईवी 30एट30” अभियान को भी सहयोग देगा।

सरकार का मानना है कि योजना से लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति स्वीकार्यता बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा उपलब्ध होगी और वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2023 में संशोधन
राज्य सरकार ने बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2023 की कई धाराओं में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाणिज्यिक वाहन, दोपहिया तथा महिलाओं के लिए चारपहिया गैर-वाणिज्यिक वाहनों की खरीद और निबंधन पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी। सरकार के अनुसार, महिलाओं को इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन राशि दिए जाने से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। वहीं मालवाहक इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।

चार्जिंग स्टेशन लगाने पर बढ़ी सहायता
राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने कहा है कि अधिक संख्या में चार्जर लगाने पर बढ़ी हुई दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत भी अनुदान मिल सकेगा। इससे राज्य में चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होगा।

बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को गति
राज्य सरकार ने बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए “बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन” के तहत सिंगापुर की संस्था “ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क” का चयन किया गया है। सरकार के अनुसार, इस संस्था की मदद से राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पारिस्थितिकी तंत्र, कौशल विकास और नवाचार को मजबूत किया जाएगा।

पांच महीने का उन्नत एआई प्रमाणन कार्यक्रम चलेगा ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल फाइनेंस और लाइनक्स फाउंडेशन के सहयोग से पांच महीने का उन्नत एआई प्रमाणन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत अगले पांच वर्षों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित सहित अन्य विषयों के सात हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के छात्र शामिल होंगे।

स्टार्टअप और शोधकर्ताओं को मिलेगा तकनीकी मंच
सरकार के अनुसार आर्यभट्ट टेक्नोलॉजी ऑब्जर्वेटरी नाम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम तकनीक आधारित डिजिटल मंच तैयार किया जाएगा। इससे 100 से अधिक स्टार्टअप को लाभ मिलेगा।इस मंच के जरिए उद्यमियों, छात्रों, शोधकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों को एआई तथा मशीन लर्निंग आधारित तकनीकी सुविधाएं, डाटा पाइपलाइन, बड़े भाषा मॉडल गेटवे और क्लाउड आधारित विकास मंच उपलब्ध कराया जाएगा।

वैश्विक मंचों पर बिहार को मिलेगी पहचान
ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के 12 अंतरराष्ट्रीय मंचों के माध्यम से बिहार को वैश्विक निवेशकों, तकनीकी कंपनियों और नीति निर्माताओं के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इनमें सिंगापुर फिनटेक फेस्टिवल, प्वाइंट जीरो फोरम ज्यूरिख, ब्लैक स्वान सम्मेलन और बैंकॉक डिजिटल फाइनेंस फोरम जैसे बड़े आयोजन शामिल हैं।

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