छत्तीसगढ़

नारायणपुर में ‘सेवा संकल्प’ की अनूठी मिसाल: छोटेडोंगर और कोहकामेटा के सेवा सेतु शिविरों में 331 ग्रामीण हुए लाभान्वित

​रायपुर
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छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं आकांक्षी जिले नारायणपुर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत प्रशासनिक मुस्तैदी का एक सशक्त और सराहनीय रूप देखने को मिला। कलेक्टर के संवेदनशील मार्गदर्शन में जिले के छोटेडोंगर और कोहकामेटा में ब्लॉक स्तरीय 'सेवा सेतु शिविरों' का आयोजन संपन्न हुआ। ग्रामीणों को अपने छोटे-बड़े शासकीय कार्यों के लिए दूर न जाना पड़े, इसी सोच के साथ आयोजित इन शिविरों ने एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों की सेवाओं का संगम स्थापित किया, जहाँ दिन भर में कुल 331 ग्रामीणों को सीधे लाभान्वित कर प्रमाण-पत्र और स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। 

​छोटेडोंगर में आयोजित शिविर में प्रशासनिक मुस्तैदी का माहौल रहा, जहाँ कुल 199 हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। यहाँ सबसे भावुक और खुशी का क्षण वह रहा जब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 35 परिवारों को उनके सपनों के पक्के मकान की चाबियां सौंपी गईं। इसके साथ ही राजस्व विभाग ने 47 मामलों का निपटारा किया, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने राशन कार्ड से जुड़े 39 प्रकरणों को हल करते हुए 18 पात्र वृद्धों व असहायों को पेंशन स्वीकृति पत्र प्रदान किए। कृषि विभाग ने फसल बीमा से जुड़े 11 किसानों को प्रमाण-पत्र सौंपे, श्रम विभाग ने 5 श्रमिकों को उनके कार्ड दिए और उद्यानिकी विभाग ने भी हितग्राहियों को लाभान्वित किया। इस अवसर पर जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट सेवा देने वाली 40 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रशस्ति-पत्र देकर उनका सम्मान भी किया गया।

​दूसरी ओर, कोहकामेटा के विकासखंड स्तरीय शिविर में स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर रहा, जहाँ कुल 132 ग्रामीणों को त्वरित राहत मिली। यहाँ अकेले स्वास्थ्य विभाग ने शिविर में पहुंचे 87 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर उपचार व दवाइयां उपलब्ध कराईं। साथ ही आयुष्मान योजना, श्रम, समाज कल्याण और पंचायत विभाग के लाभ वितरित किए गए तथा आय, जाति एवं निवास जैसे आवश्यक शासकीय प्रमाण-पत्रों का मौके पर ही वितरण किया गया।

​दोनों ही शिविरों में विभागीय प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ हमारी समृद्ध सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर सम्मिश्रण देखने को मिला। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अत्यंत गरिमामय वातावरण में 'गोद भराई' और 'अन्नप्राशन' के संस्कार संपन्न कराए गए। इस दौरान विभागीय कार्यकर्ताओं ने गर्भवती माताओं और शिशुवती महिलाओं को संतुलित आहार, स्वास्थ्य देखभाल और शिशु पोषण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

​जन-जागरूकता को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए कोहकामेटा में 'विकसित और आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना पर आधारित एक जीवंत नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया। कलाकारों ने अपने रोचक संवादों और अभिनय से ग्रामीणों को जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत अभियान और आवास योजनाओं के लाभ तथा जनभागीदारी के महत्व को समझाया।

​शिविर में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने भी इस प्रशासनिक पहल की जमकर सराहना की। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश का चौमुखी विकास हो रहा है, जहाँ जल जीवन और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि से उन्हें आर्थिक सम्बल और आत्मसम्मान मिल रहा है। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं सदस्य, जनपद उपाध्यक्ष, स्थानीय सरपंच और जनपद सीईओ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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