पंजाबराज्य

डेरा सच्चा सौदा बधियाकरण केस में वीसी के जरिए होगी गवाही, वकील को साथ रहने की अनुमति नहीं

पंचकूला.

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ चल रहे कथित बधियाकरण (नपुंसक बनाने) मामले में पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने आदेश पारित किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के न्यूयॉर्क में रह रहे मुख्य गवाह की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से दर्ज की जाएगी, लेकिन गवाही के दौरान गवाह के निजी वकील को दूरस्थ वीसी कक्ष में मौजूद रहने की अनुमति नहीं होगी।

साथ ही, अदालत ने मुख्य गवाह को उसकी स्वास्थ्य स्थिति से अवगत कराने के लिए एक माह का समय दिया है। गवाह की फिटनेस रिपोर्ट मिलने के बाद ही फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में उसकी गवाही की तिथि तय की जाएगी। बता दें कि मुख्य गवाह ने आंखों के इलाज का हवाला देते हुए पहले से तय गवाही की तिथियों को स्थगित करने का अनुरोध किया था। गवाह ने अदालत को बताया कि वह रेटिनल वेन ऑक्लूजन बीमारी से पीड़ित है और डाक्टरों ने उसे लंबे समय तक आंखों पर दबाव न डालने की सलाह दी है।

मुख्य गवाह वर्तमान में न्यूयार्क में रह रहा है और उसकी गवाही भारतीय वाणिज्य दूतावास/महावाणिज्य दूतावास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज की जानी है। इससे पहले, अगस्त 2025 में सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उसे अमेरिका से वीसी के जरिए जिरह की अनुमति दी थी। इसके लिए सीबीआई द्वारा विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त की जा चुकी है। गवाह ने यह भी दलील दी कि गुरमीत राम रहीम सिंह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उनके कई राजनीतिक संपर्क बताए जाते हैं, जिससे उसे भय और दबाव की आशंका है। इसी आधार पर उसने गवाही के दौरान अपने वकील को वीसी कक्ष में साथ बैठने की अनुमति मांगी। हालांकि, आरोपियों के बचाव पक्ष ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का हवाला देते हुए इस मांग का कड़ा विरोध किया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि वीसी के दौरान दूरस्थ स्थल पर केवल अधिकृत समन्वयक की मौजूदगी की अनुमति है। गवाह का वकील गवाही शुरू होने से पहले वीसी कक्ष के बाहर परामर्श कर सकता है, लेकिन रिकॉर्डिंग के दौरान उसकी मौजूदगी नहीं होगी। स्वास्थ्य संबंधी आवेदन पर निर्णय देते हुए अदालत ने कहा कि फिलहाल गवाह का इलाज जारी है, इसलिए उसे एक माह का समय दिया जाता है। गवाह को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी फिटनेस की जानकारी अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत को दे, जिसके बाद फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में गवाही की अगली तिथि तय की जाएगी।

गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2014 का है, जिसमें राम रहीम पर अपने कथित निर्देश पर अनुयायियों के सामूहिक बधियाकरण के आरोप लगे हैं।

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