
झज्जर.
शादी का यह कार्ड जिन भी लोगों को मिला, उसे पढ़कर वो मुस्कुरा भी रहे हैं और ठिठक भी। वजह है कार्ड में आमंत्रण के साथ एक शर्त। आमतौर पर जिन कार्डों में ‘डिनर के बाद’ का संकेत ढूंढा जाता है, वहां लाइन छपी है-शराब पीकर शुभ विवाह को खराब करने वाले शादी में न आएं।
यह कार्ड गांव रेढूवास निवासी और झज्जर के प्रतिष्ठित कारोबारी पंडित ओम प्रकाश वशिष्ठ के पौत्र अनिल के विवाह का है। परिवार ने तय किया कि शादी खुशी का उत्सव होगी, बोतलों का नहीं। ये कार्ड इंटरनेट मीडिया पर बहु प्रसारित हो रहा है।
लोग कर रहे इस संदेश-प्रयास की खूब सराहना
समाज के बुद्धिजीवी वर्ग द्वारा इस कदम को ‘साहसिक’ बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि हर परिवार इसी तरह नशे के प्रति सख्ती दिखाए, तो शादियों में होने वाले विवादों और सड़क दुर्घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। हमारी आने वाली नस्ल नशे से बची भी रह सकती है।
सनातन और शिक्षा का अद्भुत समन्वय है वशिष्ठ परिवार
पं. ओम प्रकाश वशिष्ठ, जो इलाके में अपनी विशिष्ट पहचान ‘चोटी वाले’ के रूप में रखते हैं, ने पौत्र की शादी के निमंत्रण पत्र पर यह साहसी संदेश छपवाया है। कार्ड के मुख्य पृष्ठ पर मोटे अक्षरों में लिखा है ‘शराब पीकर शुभ विवाह को खराब करने वाले शादी में न आएं।’ परिवार का कहना है कि शराब पीकर अक्सर लोग गरिमा खो देते हैं, जिससे मंगल उत्सव का आनंद फीका पड़ जाता है। ऐसे में वो बारात का माहौल या परिवार की प्रतिष्ठा धूमिल नहीं होने देंगे।
परिवार का हर पुरुष सदस्य रखता है शिखा
वशिष्ठ परिवार की खास बात यह है कि परिवार के सभी बच्चे ‘शिखा’ (चोटी) रखते हैं। परिवार के जो बच्चे चंडीगढ़ जैसे शहरों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, वे भी गर्व से अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति से जुड़े हुए हैं।



