पटना में गैस बुकिंग के नाम पर नया साइबर खेल, केवाईसी के बहाने खाली हो रहे लोगों के बैंक खाते

पटना
अगर आपके पास भी गैस एजेंसी के नाम पर कोई कॉल आ रहा है, जिसमें आपकी रसोई गैस की सेवा बंद होने या KYC अपडेट न होने की धमकी दी जा रही है, तो ठहर जाइए. यह एक शातिर चाल है जो आपको पलक झपकते ही कंगाल बना सकती है.
पटना में इन दिनों साइबर अपराधियों ने ‘गैस बुकिंग’ को ठगी का नया हथियार बना लिया है.
आपकी गैस सेवा बंद हो जाएगी
रसोई गैस हर घर की बुनियादी जरूरत है. साइबर ठग इसी का फायदा उठा रहे हैं. वे खुद को नामी गैस एजेंसियों का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते हैं.
ठग अक्सर कहते हैं, “आपका आधार कार्ड गैस कनेक्शन से लिंक नहीं है, इसलिए आपकी सब्सिडी रोक दी गई है और आज शाम तक आपका कनेक्शन काट दिया जाएगा. ” यह सुनते ही उपभोक्ता घबरा जाता है और ठगों के बताए निर्देशों का पालन करने लगता है.
अपराधी ग्राहकों को एक संदिग्ध लिंक भेजते हैं या कोई अनजान ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं. जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, आपके फोन का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला जाता है. इसके बाद वे आपके फोन में आने वाले ओटीपी (OTP) को खुद ही पढ़ लेते हैं और आपके बैंक खाते से बड़ी रकम पार कर देते हैं.
सतर्कता ही सुरक्षा है
पटना साइबर थाने के डीएसपी नितिश चंद्र धारिया ने इस बढ़ते खतरे को देखते हुए नागरिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि कोई भी सरकारी या निजी गैस एजेंसी कभी भी फोन पर आपसे पिन या ओटीपी नहीं मांगती.
गैस बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही सहारा लें. अगर आपको केवाईसी अपडेट करना है, तो फोन के बजाय सीधे अपनी गैस एजेंसी के दफ्तर जाएं. किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए ‘रिमोट एक्सेस ऐप’ को भूलकर भी इंस्टॉल न करें.
शिकायत कहां करें?
यदि आप या आपका कोई परिचित इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो बिना समय गंवाए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. इसके साथ ही आप आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.


