मध्य प्रदेश

दावोस में मध्यप्रदेश का मजबूत प्रदर्शन: CM मोहन यादव निवेश और ग्रीन ग्रोथ पर ग्लोबल रोडमैप पेश करेंगे

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस के वैश्विक मंच पर अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं, औद्योगिक क्षमताओं और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा। दावोस में वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश की स्थिर नीतियां, संसाधन-समृद्ध संरचना और भविष्य उन्मुख विकास मॉडल को प्रमुखता से रखा जाएगा।

दावोस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सत्रों के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन और ग्रीन ग्रोथ पर राज्य के संतुलित दृष्टिकोण को सामने रखा जाएगा। उपयोगिता-स्तर की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं, स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना और ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े मॉडल राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश के भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित करेंगे। उद्योग और विनिर्माण से जुड़े सत्रों में रक्षा उत्पादन, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद के दौरान मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल औद्योगिक नीति, सरल प्रक्रियाएं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

डिजिटल तकनीक और नवाचार से जुड़े सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशंस पर चर्चा होगी। इन विमर्शों में प्रशासन, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में तकनीक के प्रभावी उपयोग को लेकर राज्य का व्यावहारिक और परिणाम-केंद्रित नजरिया सामने आएगा। पर्यटन से जुड़े वैश्विक सत्रों में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जैव-विविधता, अनुभव-आधारित पर्यटन और बेहतर कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। सतत पर्यटन विकास और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर केंद्रित संवाद राज्य के पर्यटन क्षेत्र में नए निवेश अवसरों को रेखांकित करेंगे।

स्वास्थ्य, सामाजिक अवसंरचना और मानव विकास से जुड़े सत्रों में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, तकनीक-समर्थित स्वास्थ्य सेवाओं और मानव-केंद्रित विकास मॉडल पर चर्चा होगी, जिससे सामाजिक विकास को आर्थिक प्रगति से जोड़ने वाले राज्य के दृष्टिकोण को वैश्विक पहचान मिलेगी। दावोस के दौरान विषयगत सत्रों, गोलमेज बैठकों और वन-टू-वन उच्चस्तरीय संवादों के माध्यम से निवेश, औद्योगिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के ठोस अवसर सामने आने की उम्मीद है। इन प्रयासों से राज्य में पूंजी निवेश, तकनीक हस्तांतरण और रोजगार सृजन के नए आयाम खुलेंगे। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में यह सहभागिता मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद, दूरदर्शी और भविष्य-उन्मुख निवेश गंतव्य के रूप में वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button