
चंडीगढ़.
फसल बीमा क्लेम घोटाले के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई में किसानों को बड़ी सफलता मिली है। कृषि विभाग हरियाणा के संयुक्त निदेशक राजीव मिश्रा को घोटाले में प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव पंकज अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इस कार्रवाई से बीमा क्लेम घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रास्ता खुल गया है और किसानों को लंबे समय से लंबित बीमा राशि मिलने की उम्मीद जगी है। यह महत्वपूर्ण निर्णय हरियाणा सचिवालय, चंडीगढ़ में हुई SGRC (स्टेट ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी) की सुनवाई के दौरान लिया गया। इस सुनवाई में किसानों की ओर से अपीलार्थियों के पैरोकार किसान नेता डॉ. बलवीर सिंह ठाकन ने बीमा कंपनी और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मजबूत और तथ्यात्मक दलीलें पेश कीं। डॉ. ठाकन के सटीक और प्रभावी तर्कों के आगे बीमा कंपनी के अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिससे पूरे मामले की गंभीरता उजागर हो गई।
सुनवाई के दौरान फसल बीमा क्लेम घोटाले की मुख्य आरोपी कंपनी क्षेमा जनरल इंश्योरेंस द्वारा समय पर जवाब प्रस्तुत न करने पर मुख्य सचिव ने कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार अब इस घोटाले को लेकर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
इस कार्रवाई का सीधा लाभ भिवानी-दादरी जिले के उन हजारों किसानों को मिलने की संभावना है, जिनका खरीफ फसल 2023 का बीमा क्लेम अब तक अटका हुआ था। संयुक्त निदेशक के निलंबन के बाद यह माना जा रहा है कि घोटाले में शामिल अन्य दोषी अधिकारियों पर भी शिकंजा कसेगा और किसानों का बकाया बीमा क्लेम जल्द जारी होने का रास्ता साफ होगा। किसान संगठनों ने इस कार्रवाई को सत्य और संघर्ष की जीत बताया है और उम्मीद जताई है कि अब सरकार किसानों के हक की राशि बिना किसी और देरी के दिलाएगी।



