पंजाबराज्य

चपरासी भर्ती में वेटिंग लिस्ट के पहले अभ्यर्थी को नियुक्ति का आदेश, हाई कोर्ट का फैसला

 

चंडीगढ़
 पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब वक्फ बोर्ड में चपरासी पद की भर्ती से जुड़े मामले में फैसला सुनाते हुए वेटिंग लिस्ट में पहले स्थान पर रहे अभ्यर्थी को नियुक्ति के लिए विचार करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने कहा कि जब चयनित अभ्यर्थियों में से कोई उम्मीदवार उपलब्ध पद पर नियुक्ति ग्रहण नहीं करता है और उसकी जगह रिक्ति बनी रहती है, तो मेरिट के अनुसार वेटिंग लिस्ट के अगले उम्मीदवार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

छह साल पहले शुरू हुई भर्ती की प्रक्रिया
जस्टिस नामित कुमार की पीठ ने यह आदेश प्रदीप कुमार की याचिका पर सुनाया। पंजाब वक्फ बोर्ड ने 30 अगस्त 2020 को विभिन्न पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें चपरासी के 34 पद शामिल थे।

बाद में इन पदों की संख्या घटाकर 24 कर दी गई। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 24 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जबकि पांच अभ्यर्थियों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया। प्रदीप कुमार वेटिंग लिस्ट में पहले नंबर पर थे।

याचिकाकर्ता के अनुसार चयनित 24 उम्मीदवारों में से केवल 23 ने चपरासी पद पर ज्वाइन किया। एक चयनित उम्मीदवार करनवीर सिंह ने चपरासी के पद पर ज्वाइन नहीं किया, बल्कि किसी अन्य पद पर नियुक्त हुआ। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में भी 24 में से 23 नियुक्तियां चपरासी पद पर होने और बाद में चार लोगों के इस्तीफा देने की बात सामने आई थी। इस तरह पांच पद रिक्त बताए गए थे।

वेटिंग लिस्ट की अवधि एक वर्ष थी
पंजाब वक्फ बोर्ड ने हाई कोर्ट में दलील दी कि वेटिंग लिस्ट की अवधि एक वर्ष थी और याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत अभ्यावेदन दिसंबर 2022 में प्राप्त हुआ था। इसी आधार पर उसकी नियुक्ति के दावे को फरवरी 2023 में खारिज कर दिया गया था।

हाई कोर्ट ने हालांकि पूर्व के न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि वेटिंग लिस्ट में नाम होने मात्र से नियुक्ति का स्वत अधिकार नहीं बनता, लेकिन नियुक्ति प्राधिकारी को उपलब्ध रिक्ति और अभ्यर्थी की मेरिट को नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से कार्रवाई करने की छूट भी नहीं है। अदालत ने कहा कि रिक्ति उपलब्ध होने पर मेरिट के अनुसार अगले अभ्यर्थी को नियुक्ति की पेशकश की जानी चाहिए।

प्रदीप कुमार की नियुक्ति का दावा खारिज वाला आदेश रद
हाई कोर्ट ने प्रदीप कुमार की नियुक्ति का दावा खारिज करने वाला आदेश रद कर दिया। पंजाब वक्फ बोर्ड को निर्देश दिया गया कि वह चपरासी पद पर उनकी नियुक्ति के मामले पर विचार करे और अन्य 23 उम्मीदवारों को नियुक्ति दिए जाने की तारीख से वरिष्ठता, वेतन निर्धारण समेत सभी काल्पनिक लाभ देने पर निर्णय ले। यह पूरी कार्रवाई आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के दो महीने के भीतर करनी होगी।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button