झारखंड/बिहारराज्य

चीनी की कालाबाजारी पर बिहार सरकार सख्त, 400 टन से ज्यादा स्टॉक पर FIR

पटना
बिहार सरकार ने चीनी की कालाबाजारी को रोकने के लिए अहम फैसला लिया है। सरकार ने चीनी की स्टॉक लिमिट तय कर दी है। चीनी का तय सीमा से ज्यादा स्टॉक करने वाले व्यापारियों और डीलर पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही, शुगर मिल के संचालक भी अपने गोदाम में 7 दिन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने चीनी स्टॉक की जांच के आदेश दे दिए हैं।

बिहार सरकार के ताजा फैसले के अनुसार, अब डीलर अपने यहां अधिकतम 400 टन चीनी ही रख सकेंगे। इससे ज्यादा स्टॉक मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने चीनी मिल संचालकों और संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर चीनी मिलों में उपलब्ध चीनी स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने को कहा है। चीनी की बिक्री पर नियंत्रण करने के लिए टीम का गठन कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि मिलों द्वारा चीनी की बिक्री के बाद अधिकतम 7 दिन ही स्टॉक अपने परिसर में रख सकेंगे। ऐसा नहीं करने करने पर कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, समस्तीपुर और सीतामढ़ी के जिलाधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं।

गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बताया कि मिलों से लेकर राज्य में पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है। इसके बावजूद चीनी के मूल्य में बढ़ोतरी की सूचना मिल रही है। इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि चीनी के व्यापारियों के पास 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को इसके आदेश दिए गए हैं।
संयुक्त जांच टीम गठित होगी

विभागीय सचिव धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि संबंधित जिलाधिकारियों से कहा गया है कि जिले के एक वरीय उप समाहर्त्ता और ईख पदाधिकारी की संयुक्त जांच टीम गठित किया जाए। यह जांच टीम जिले में कार्यरत चीनी मिलों में उपलब्ध चीनी स्टॉक और चीनी व्यापारियों के चीनी स्टॉकों का भौतिक सत्यापन करेगी। केंद्र सरकार के आदेश का उलंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

30 नवंबर तक स्टॉक होल्डिंग लागू
केंद्र सरकार ने चीनी स्टॉक का निर्धारण किया है। देश भर के चीनी व्यापारियों पर 1 अगस्त से 400 टन स्टॉक होल्डिंग सीमा लागू किया है और यह 30 नवंबर 2026 लागू रहेगा। केंद्र ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर आशंका जताई है कि कुछ चीनी मिलों और चीनी व्यापारियों द्वारा चीनी की कालाबाजारी की जा सकती है। इससे चीनी की पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने के बावजूद बाजार में इसकी कमी हो सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button