राजनीतिक

TMC के बागी सांसदों में भी बढ़ी दूरी, यूसुफ पठान समेत 3 सांसद BJP से क्यों बना रहे दूरी?

नई दिल्ली

बंगाल में टीएमसी की करारी हार के बाद 20 सांसदों ने विद्रोह किया और वे नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का हिस्सा हो गए। यह स्पष्ट था एनडीए का समर्थन करने के लिए ही इस पार्टी का दामन थामा गया है। वहीं अब कई बागी सांसदों में असंतोष साफ नजर आ रहा है और ऐसे में बागी गुट में दरार पड़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये तीनों ही सांसद मुर्शिदाबाद में मुस्लिम बहुल सीटों से चुने गए सांसद हैं। इनमें पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का भी नाम शामिल है। वह बहरामपुर से सांसद हैं।

बीजेपी से करीबी, वोट बैंक को खतरा
सूत्रों के मुताबिक इन तीनों ही सांसदों का मानना है कि बीजेपी से करीबी रखने पर उनका वोट बैंक बुरी तरह प्रभावित होगा। ऐसे में उनका यही कहना है कि बीजेपी के करीब जाना मतलब अपने क्षेत्र की जनता को धोखा देना है। यूसुफ पठान के अलावा इस लिस्ट में मुर्शिदाबाद से सांसद अबू ताहिर खान और जंगीपुर से सांसद खलीलुर रहमान शामिल हैं।

एनडीए की बैठक से भी बनाई दूरी
हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एनडीए की बैठख में भी तीनों सांसद शामिल नहीं हुए थे। हालांकि दिल्ली में ही जब शुभेंदु अधिकारी ने बैठक बुलाई तो ये तीनों सांसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए वे बैठक में गए थे। बता दें कि अबू ताहिर काफी अनुभवी नेता हैं। 2019 में वह टीएमसी में शामिल हुए थे और जंगीपुर से दो बार के सांसद हैं।

क्या बोले अबू ताहिर
बीते दिनों सांसद अबू ताहिर ने कहा कि वह ''एनडीए में नहीं हैं'', हालांकि वह शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कई सहयोगी दलों के सांसदों के लिए नाश्ते पर आयोजित बैठक में शामिल हुए। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से सांसद ताहिर ने कहा कि इस कार्यक्रम में वह सिर्फ लोगों के मुद्दे उठाने के लिए शामिल हुए। इन मुद्दों में, राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाए जाने, मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पाबंदी और उनके संसदीय क्षेत्र में नयी रेलवे लाइन की मांग शामिल है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक अपनी चिंताओं से उन्हें सीधे अवगत कराने का एक अवसर था, न कि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन देने का कोई संकेत। बता दें कि कल्याण बनर्जी समेत कुछ सांसद अब भी ममता बनर्जी के ही समर्थन में हैं। बनर्जी ने कहा कि बागी सांसद सबको गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा, इन लोगों ने स्पीकर को पत्र देकर कहा कि वे एनसीपीआई के सदस्य हैं। एनसीपीआई पहले सेही एनडीए का हिस्सा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button