
बठिंडा.
पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच बठिंडा से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां सड़क किनारे फल-सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले एक युवक की अत्यधिक गर्मी के कारण तबीयत बिगड़ गई। उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान अंग्रेज पुत्र ननके के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और रोजी-रोटी कमाने के लिए बठिंडा में फल-सब्जी बेचने का काम करता था। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह जीटी रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के नजदीक गली में अपनी रेहड़ी लगाकर फल-सब्जी बेच रहा था।
तेज धूप में बिगड़ी तबीयत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय इलाके में भीषण गर्मी और तेज धूप का असर था। इसी दौरान अंग्रेज की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसायटी की एंबुलेंस टीम को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और युवक को तत्काल सिविल अस्पताल बठिंडा पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन हालत लगातार गंभीर बनी रही। चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बठिंडा रेफर कर दिया।
उपचार के दौरान तोड़ा दम
परिजनों और परिचितों को उम्मीद थी कि युवक की हालत में सुधार होगा, लेकिन उपचार के दौरान रात करीब साढ़े नौ बजे उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उधर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को भीषण गर्मी के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, शरीर को हाइड्रेट रखना और सिर को ढककर बाहर निकलना जरूरी है। विशेष रूप से खुले में काम करने वाले मजदूरों, रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं और बुजुर्गों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए, ताकि लू और गर्मी से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।



