झारखंड/बिहारराज्य

जमीन घोटाला मामले में 8 जून को अहम सुनवाई, हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका पर ED कोर्ट सुनाएगा फैसला

रांची.

ईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में बड़गाई अंचल के 8.46 एकड़ जमीन घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल डिस्चार्ज याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।

अदालत अपना निर्णय आठ जून को सुनाएगी। मामले में अपने आप को निर्दोष बताते हुए हेमंत सोरेन ने पांच दिसंबर को डिस्चार्ज याचिका दाखिल की है। हेमंत सोरेन की ओर से डिस्चार्ज याचिका दाखिल कर कहा गया था कि वह इस मामले में निर्दोष है। उनके खिलाफ लगे सभी आरोप निराधार हैं। मामले में हेमंत सोरेन सहित 18 आरोपितों के खिलाफ ईडी ने चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जिस पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए सभी आरोपितों को पुलिस पेपर सौंप दिया गया है। अगली न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोप तय किया जाना है।

समय / वर्ष     घटनाक्रम
वर्ष 2024     बड़गाई अंचल की 8.46 एकड़ जमीन मामले में ईडी ने जांच तेज की और हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था (बाद में उन्हें जमानत मिली)।
5 दिसंबर 2025     हेमंत सोरेन ने विशेष अदालत में डिस्चार्ज याचिका दाखिल कर खुद को निर्दोष बताया।
3 जून 2026     ईडी की विशेष अदालत में दोनों पक्षों (हेमंत सोरेन के वकील और ईडी) की ओर से लंबी बहस पूरी हुई।
8 जून 2026     विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत इस डिस्चार्ज याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी।

न्यायालय के इस फैसले के बाद केस में आगे क्या होगा-
यदि डिस्चार्ज याचिका स्वीकार होती है: अगर अदालत हेमंत सोरेन की दलीलें मान लेती है, तो उन्हें इस मामले से बरी किया जा सकता है (यानी उन पर ट्रायल नहीं चलेगा)। यदि डिस्चार्ज याचिका खारिज होती है: अगर अदालत याचिका खारिज कर देती है, तो अगली न्यायिक प्रक्रिया के तहत हेमंत सोरेन और अन्य सभी 18 आरोपितों पर कोर्ट में औपचारिक रूप से आरोप तय (Frame of Charges) किए जाएंगे और नियमित ट्रायल शुरू होगा।

बड़गाई जमीन घोटाला: जानिए 4 बड़ी बातें
मुख्य आरोप: यह पूरा मामला रांची के बड़गाई अंचल स्थित 8.46 एकड़ जमीन के अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेज तैयार कर हेरफेर करने से जुड़ा है। ईडी इसे मनी लांड्रिंग का मामला मानकर जांच कर रही है।
डिस्चार्ज याचिका क्या है: जब किसी आरोपी को लगता है कि जांच एजेंसी द्वारा दाखिल चार्जशीट में उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं और आरोप निराधार हैं, तो वह अदालत से केस से बरी करने (डिस्चार्ज) की गुहार लगाता है।
हेमंत सोरेन का पक्ष: पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 5 दिसंबर को याचिका दायर कर खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है और कहा है कि इस मामले से उनका कोई जुड़ाव नहीं है।
अब तक की कार्रवाई: इस हाई-प्रोफाइल मामले में ईडी अब तक  18 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर चुकी है।

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