झारखंड/बिहारराज्य

बिहार कैबिनेट विस्तार की हलचल तेज, मंत्रालयों पर सियासी मंथन

पटना

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का मतदान खत्म होते ही बिहार के लोगों का फोकस मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की 15 दिन पुरानी सरकार के कैबिनेट विस्तार पर आ गया है। बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पहले सीएम बने सम्राट चौधरी ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के दो उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ 15 अप्रैल को शपथ ली थी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई सरकार के पूरी तरह गठन के लिए बंगाल चुनाव के खत्म होने का इंतजार चल रहा था। ऐतिहासिक 92 फीसदी से ऊपर वोटिंग के साथ दो चरण में बंगाल का चुनाव खत्म हो चुका है। अब चर्चा है कि सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार 3 मई या 6 मई को हो सकता है।

सम्राट कैबिनेट के विस्तार के लिए 3 मई और 6 मई की अटकल को भी बंगाल चुनाव से ही जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व बंगाल से चुनाव की आंतरिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसमें चुनाव नतीजों में पार्टी के संभावित प्रदर्शन का अनुमान होगा। बंगाल चुनाव की इंटरनल रिपोर्ट में अगर हर हाल में भाजपा की जीत का भरोसा जताया गया होगा तो पार्टी नतीजों के बाद 6 मई को बिहार कैबिनेट का विस्तार करवा सकती है। लेकिन, अगर बंगाल से आई रिपोर्ट में भाजपा की जीत को लेकर कोई किंतु-परंतु जैसी आशंका होगी तो पार्टी की कोशिश होगी कि सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार चुनाव नतीजों से पहले ही 3 मई को निबटा लिया जाए। बिहार में सीएम समेत 36 नेता मंत्री बन सकते हैं।

सम्राट चौधरी कैबिनेट में भाजपा से ज्यादा होंगे जदयू के मंत्री, बड़े मंत्रालय भी मिलेंगे?
सम्राट चौधरी की सरकार बनने के बाद से ही कैबिनेट में भाजपा और जदयू के मंत्रियों की संख्या को लेकर भी अटकलों का दौर चल रहा है। पूर्व सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट में भाजपा के मंत्रियों की संख्या जदयू से ज्यादा थी। जदयू के नेताओं का कहना है कि सम्राट चौधरी की सरकार में मॉडल वही रहेगा। यानी भाजपा का सीएम है तो जदयू के मंत्रियों की संख्या ज्यादा होगी। मंत्रालय बंटवारे में भी नीतीश के फॉर्मूले से चले तो जदयू को कई बडे़ मंत्रालय भी मिल सकते हैं। सम्राट सरकार में सीएम और दोनों डिप्टी सीएम के अलावा भाजपा के 14 और जदयू के 15 नेता मंत्री बन सकते हैं।

सम्राट चौधरी कैबिनेट में 36 के 36 मंत्री पद नहीं भरे जाएंगे
नीतीश कुमार की ही तरह सम्राट चौधरी कैबिनेट में 36 के 36 पद भरने के बदले 1-2 मंत्रियों की जगह बनाकर रख सकते हैं, ताकि भविष्य में दूसरे दलों में तोड़-फोड़ की जरूरत पड़े तो डील के लिए ऑफर का इंतजाम रहे। सरकार में 1-2 मंत्रियों की जगह खाली हो तो उसकी बदौलत सामने वाली पार्टी के कुछ विधायकों को अपने वश में करना आसान हो जाता है। भाजपा और जदयू दोनों अपने कोटे से कम से कम 1-1 पद खाली रख सकती है। पिछली सरकार में जदयू के ज्यादातर मंत्री फिर से जगह पाएंगे। भाजपा के भी ज्यादातर मंत्री फिर से आएंगे, लेकिन नीतीश मिश्रा, कृष्ण ऋषि, नीरज सिंह बबलू जैसे कुछ पुराने मंत्री फिर से सरकार में आ सकते हैं।

सम्राट चौधरी की सरकार में पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को क्या मिलेगा?
सीएम सम्राट और डिप्टी सीएम विजय और बिजेंद्र को छोड़कर नीतीश कैबिनेट में मंत्री रहे सारे नेता फिलहाल पूर्व मंत्री बने हुए हैं। नीतीश की अगुवाई वाली सरकारों में मंत्री रहे ज्यादातर नेता इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनको फिर मौका मिलेगा या नहीं और मिला तो मंत्रालय पुराना रहेगा या बदल जाएगा। इन पूर्व मंत्रियों में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की हो रही है, जिन्हें पहली किस्त में सरकार में जगह नहीं मिल पाई। सोशल मीडिया पर इसे लेकर पॉजिटिव और नेगेटिव चीजों की भरमार लगी है।

विजय सिन्हा को मंत्री बनाया जाएगा, इस पर संशय नहीं है, लेकिन पुराने मंत्रालय ही मिलेंगे या और बड़ा मंत्रालय मिलेगा, इस पर अटकलबाजी चल रही है। नीतीश सरकार में विजय कुमार सिन्हा के पास राजस्व और भूमि सुधार, खनन और भूतत्व के अलावा भाजपा के अध्यक्ष बने नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद से नगर विकास और आवास विभाग भी था। राजस्व और भूमि सुधार में विजय का तेवर भरा रूप दिख रहा था। चर्चा है कि उन्हें पथ निर्माण विभाग का मंत्री बनाया जा सकता है, जो पिछली सरकार में नितिन नबीन के बाद दिलीप जायसवाल को मिला था।

सम्राट चौधरी सरकार में दीपक कुशवाहा का क्या होगा, चिराग और मांझी बदलेंगे मंत्री?
चिराग पासवान की लोजपा-आर, जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो को पहले की तरह कैबिनेट में 2-1-1 मंत्री मिलेंगे, यह मोटा-माटी तय दिख रहा है। जीतनराम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा फिर से मंत्री बनेंगे, यह भी तय दिख रहा है। चिराग पासवान भी अपने दोनों पुराने मंत्री संजय पासवान और संजय सिंह को रिपीट करेंगे, इसकी प्रबल संभावना है।

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