मध्य प्रदेश

सशक्त एवं जागरूक उपभोक्ता ही मजबूत अर्थ व्यवस्था की नींव : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल 

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने सभी को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि एक सशक्त और जागरूक उपभोक्ता ही मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव होता है।  राजपूत ने कहा कि खाद्य पदार्थों के रूप में धीमा जहर देने वाले के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करें, तभी इस दिवस की सार्थकता सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक नागरिक किसी न किसी रूप में उपभोक्ता है इसलिए उसके अधिकारों की रक्षा करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उपभोक्ताओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और उचित मूल्य पर वस्तुएं एवं सेवाएं उपलब्ध हो, यह हमारा दायित्व भी है और संकल्प भी है।

मंत्री  राजपूत ने कहा कि खरीददारी करते समय बिल लेना, उत्पाद की गुणवत्ता और समाप्ति की तिथि अवश्य देखना, किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराना, यह सभी जागरूक उपभोक्ता को मजबूत बनाते हैं। उपभोक्ताओं के हित में भारत सरकार ने वर्ष 2019 में नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम बनाया। यह कानून उपभोक्ताओं के रक्षा की गारंटी देता है। इसमें 06 प्रकार के अधिकार चुनने का अधिकार, सूचित होने का अधिकार, उपभोक्ताओं की सुरक्षा का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, उपभोक्ता की समस्याओं के निराकरण का अधिकार और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार (जागरूक बने रहने का अधिकार) बताये गये हैं।  राजपूत ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध हैं। भ्रामक खबरों से सावधान रहें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वर्तमान परिस्थितियों में बड़े आयोजनों से बचें।

जिद्दी उपभोक्ता बनें

मंत्री  राजपूत ने कहा कि अपने अधिकारों के लिये उपभोक्ताओं को जिद करना चाहिये। ठगी होने पर उपभोक्ताओं को उपभोक्ता न्यायालयों की मदद लेनी चाहिए और इस संबंध में दूसरों को भी जागरूक करना चाहिये। उन्होंने इस संबंध में एक घटना का उल्लेख करते हुए सागर के डॉक्टर हरिसिंह गौर को भी याद किया।  राजपूत ने कहा कि मेरा आग्रह है कि हम सभी उपभोक्ता हैं तथा हम सभी का यह कर्तव्य है कि अनुचित व्यापार को रोकने में अपनी जागरूकता का परिचय दें एवं ठगे जाने से बचें। उपभोक्ता कानून में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का प्रावधान है। सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भी की जाती है। जिला आयोग/फोरम के निर्णय से असंतुष्ट होने पर राज्य आयोग में अपील का भी प्रावधान है। नापतौल में कमी मिलने पर कोई भी उपभोक्ता नापतौल कार्यालय एवं आयोग में शिकायत कर सकता है।

जिला उपभोक्ता आयोग में 14 हजार से अधिक मामले निराकृत

मंत्री  राजपूत ने बताया कि राज्य उपभोक्ता आयोग में वर्ष 2025-26 तक लगभग 3 हजार मामलों का निराकरण किया गया। इसी प्रकार जिला उपभोक्ता आयोग में 14 हजार से अधिक मामलों का निराकरण किया गया। राज्य उपभोक्ता आयोग में दिसंबर, 2020 से अभी तक 7 हजार 5 सौ से अधिक मामले ऑनलाईन दर्ज किये गये। जिला उपभोक्ता आयोगों में 26 हजार से अधिक मामले ऑनलाईन दर्ज हुये।

सदस्य राज्य उपभोक्ता आयोग डॉ. मोनिका मलिक ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य "सुरक्षित उत्पाद-सशक्त उपभोक्ता" है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 2574 मामले निराकृत हुए जबकि 2285 नये मामले दर्ज किये गये। आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  कर्मवीर शर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों से अवगत कराने के लिये यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने उपभोक्ता अधिकारों के बारे में जानकारी दी।

पुरस्कार

कार्यक्रम में वर्ष 2025 में बेहतर कार्य करने वाले स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। संस्थाओं में 1 लाख 11 हजार रूपये का प्रथम पुरस्कार अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन कटनी को तथा 51 हजार रूपये का द्वितीय पुरस्कर प्राकृतिक चिकित्सालय महाविद्यालय समिति ग्वालियर को दिया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार उज्जैन की कु. अश्विता पोरवाल, द्वितीय इंदौर की कु. रानी चौधरी तथा तृतीय पुरस्कार छतरपुर की कु. खुसबू रैकवार को मिला। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार छतरपुर की कु. शुभि सेन, द्वितीय छतरपुर की ही कु. तपस्या कुशवाह और तृतीय पुरस्कार धार की कु. पलक सिसोदिया को दिया‍गया। सर्वश्रेष्ठ स्टॉल का पुरस्कार भारतीय खाद्य निगम, द्वितीय पुरस्कार म.प्र. वेयर हाउसिंग और तृतीय खाद्य एवं औषधि प्रशासन को मिला।

कार्यक्रम में प्रदर्शनी के माध्यम से उपभोक्ताओं को मिलावट की पहचान, उपभोक्ताओं के अधिकार, औषधि क्रय एवं उपयोग में सावधानियां आदि विषय पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई। आभार प्रदर्शन संयुक्त संचालक  हरेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान आयुक्त नागरिक आपूर्ति निगम  अनुराग वर्मा, नियंत्रक नापतौल  बृजेश सक्सेना, आयोग के सदस्य  नेमी जैन और सुखदेव मिश्रा सहित उपभोक्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

 

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