छत्तीसगढ़

बीजापुर में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली ढेर, कई हथियार बरामद

बीजापुर.

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां इंद्रावती नदी क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को ढेर किया है। वहीं घटनास्थल से हथियार, विस्फोटक और अन्य नक्सली सामग्री भी जब्त की गई है। इलाके में फिलहाल सर्च अभियान जारी है।

जानकारी के अनुसार, थाना जांगला क्षेत्र अंतर्गत इंद्रावती नदी इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान पर रवाना हुई थी। इसी दौरान आज सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसके बाद माओवादी जंगल की ओर भाग निकले।

मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में सुरक्षाबलों को दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए हैं। साथ ही घटनास्थल से एक एसएलआर राइफल, एक इंसास राइफल, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामान भी जब्त किया गया है। इस मुठभेड़ की पुष्टि पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने की है। वहीं बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि क्षेत्र में सर्च अभियान जारी है और मुठभेड़ से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी।

6 फरवरी को 7 नक्सली मारे

इससे पहले 6 फरवरी को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर हुए थे। इनमें 3 महिला नक्सली शामिल थे। वहीं महाराष्ट्र का एक जवान शहीद हो गया था, 1 अन्य जवान घायल था।

नक्सलियों की ओर से फायरिंग में गोली कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) को जा लगी। उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर भामरागड़ के अस्पताल लाया गया था। जहां ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।

माओवादियों का पूरा सामान बरामद
बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बताया है कि इंद्रावती नदी इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर एक जॉइंट टीम ने माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन के दौरान आज सुबह इंद्रावती नदी इलाके में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद सर्च के दौरान, 2 वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद किए गए और मुठभेड़ वाली जगह से एक SLR राइफल, एक INSAS राइफल और एक 12-बोर राइफल जैसे हथियार, विस्फोटक और माओवादियों का दूसरा सामान बरामद किया गया।

बीजापुर में रहा है नक्सलियों का दबदबा
दरअससल, बीजापुर कभी छत्तीसगढ़ में लाल आतंक का गढ़ रहा है। बीजापुर के अधिकांश इलाकों से नक्सलियों का खात्मा हो गया है। वहीं, कुछ खूंखार नक्सलियों ने सरेंडर भी कर दिया है। नक्सलियों के जमा होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों के जवान कार्रवाई करते हैं। मुठभेड़ के बाद इंद्रावती नदी के किनारे सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के कुछ बड़े कमांडर ढेर हो गए हैं तो कुछ ने हथियार डाल दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 की तारीख तय कर दी है कि हम नक्सलवाद को खत्म कर देंगे। पिछले दिनों उन्होंने इस मोर्च पर चल रही लड़ाई का छत्तीसगढ़ पहुंचकर रिव्यू भी किया था।

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