खेल

साउथ अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया में बड़े बदलाव, सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल

 नई दिल्ली
आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को रविवार को साउथ अफ्रीका ने 76 रनों से करारी शिकस्त दी. सुपर-8 में इस करारी हार के बाद टीम की जमकर आलोचना हो रही है. आलोचना का कारण हार से ज्यादा टीम के इंटेंट को लेकर है. क्योंकि 8 नंबर तक की बल्लेबाजी वाली टीम 111 के स्कोर पर ढेर हो गई.  किसी भी बल्लेबाज ने संघर्ष नहीं दिखाया. खासकर बाएं हाथ के बल्लेबाज ऑफ स्पिन के सामने पूरी तरह असहज नजर आए.

इस हार के बाद अब टीम में बड़े बदलाव की मांग भी उठ रही है. भारत का अगला मैच 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ है. कहा जा रहा है कि इस मैच में दो बदलाव हो सकते हैं.

अक्षर पटेल को वापस लाने की मांग
पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल समेत कई पूर्व क्रिकेटरों ने टीम में बदलाव की मांग की है. सबसे ज्यादा चर्चा अक्षर पटेल को लेकर हो रही है, जिन्हें पिछले दो मैचों में मौका नहीं मिला. पार्थिव पटेल का मानना है कि अक्षर पटेल को टीम में वापस लाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अक्षर दबाव में अहम पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं और गेंदबाजी में भी किफायती साबित होते हैं. उनका कहना है कि मैच-अप की रणनीति अपनी जगह है, लेकिन अक्षर जैसा ऑलराउंडर टीम संतुलन के लिए जरूरी है.

अभिषेक शर्मा पर खतरा

पार्थिव पटेल ने सलामी बल्लेबाजी पर भी सवाल उठाए. अभिषेक शर्मा लगातार चौथे मैच में नाकाम रहे हैं. ऐसे में उन्हें बाहर किया जा सकता है. उन्होंने संकेत दिए कि चेन्नई में होने वाले मुकाबले में संजू सैमसन को मौका मिल सकता है. उनके अनुसार बाएं हाथ के बल्लेबाजों को ऑफ स्पिन के खिलाफ परेशानी हो रही है, इसलिए टीम प्रबंधन बदलाव पर विचार कर सकता है.

भारत की ओर से ईशान किशन सबसे सफल बल्लेबाज रहे हैं. उन्होंने अब तक 177 रन बनाए हैं, हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वह खाता नहीं खोल सके.

बिगाड़ा टीम इंडिया का खेल, उलझ गया सेमीफाइनल का गणित 

आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 का रोमांच जारी है. मैच दर मैच सेमीफाइनल की जंग और पेचीदा होती जा रही है. रविवार को साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को करारी शिकस्त दी. इसके बाद वेस्टइंडीज ने सोमवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की. वेस्टइंडीज की इस महाजीत ने सेमीफाइनल के गणित को और उलझा दिया है. अब भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की राह और मुश्किल हो गई है. आइए इसका पूरा इक्वेशन समझते हैं…

पहले अंक तालिका का हाल जान लीजिए

इस जीत के साथ ही सुपर-8 के ग्रुप 1 में वेस्टइंडीज की टीम टॉप पर आ गई है. दो अंक के साथ ही वेस्टइंडीज का रन रेट +5.350 का हो गया है. वहीं, दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका है जिसका नेट रन रेट दो अंकों के साथ +3.800 का है. अब तीसरे पायदान पर भारत है जिसके पास अंक नहीं है लेकिन उसका नेट रन रेट (-3.800) जिम्बाब्वे (-5.350) से बेहतर है. 

अब आगे क्या…

वेस्टइंडीज की इस जीत और जिम्बाब्वे की हार से अब वेस्टइंडीज का पलड़ा भारी हो गया है. वहीं, जिम्बाब्वे की हालत खराब हो गई है. वेस्टइंडीज के अब दो मैच भारत और साउथ अफ्रीका से हैं. वहीं, जिम्बाब्वे को साउथ अफ्रीका और भारत से खेलना है.
अगर वेस्टइंडीज अपने आगे के दो मैच में से एक मैच जीतता है और एक हारता है तो भी उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद जिंदा रहेगी. कारण है उसका सबसे बेहतर नेट रन रेट. वहीं, भारत और साउथ अफ्रीका भी अगर दोनों मैच जीतते हैं तो फिर 3 टीमें होंगी जिनके पास 6 अंक होंगे. यानी फैसला नेट रन रेट से ही होगा. 

भारत कैसे करेगा क्वालिफाई

अगर भारत को सेमीफाइनल में जगह बनानी है तो गणित बिलकुल साफ है. भारत अपने दोनों मैच बेहतर अंतर से जीते. साथ ही वो दुआ करे की साउथ अफ्रीका भी अपने सारे मैच जीते. अगर साउथ अफ्रीका और भारत दोनों अपने बाकी के दो-दो मैच जीतते हैं तो मतलब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के पास केवल 2-2 अंक ही बचेंगे. ऐसे में भारत और साउथ अफ्रीका इस ग्रुप से सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएगा.

लेकिन अगर साउथ अफ्रीका अपना एक मैच हारती है तो फिर फैसला नेट रन रेट से ही होगा और वहां भारत के लिए मुश्किल बढ़ सकती है. क्योंकि मौजूदा समय में भारत का नेट रन रेट वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका दोनों से ही बेहद खराब स्थिति में है.
अब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे मैच के बारे में जानें…

आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप का 44वां मैच सोमवार को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया. मुकाबले में टॉस जीतकर जिम्बाब्वे ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने तूफानी बैटिंग की और 254 रन ठोक डाले. इसके जवाब में उतरी जिम्बाब्वे की टीम महज 147 रन ही बना सकी और 18वें ओवर में ऑलआउट हो गई. 

 

अब भारत का अगला मुकाबला 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ है. यह मैच टीम इंडिया के लिए करो या मरो जैसा हो सकता है, क्योंकि सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए जीत बेहद जरूरी है.

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